इस्लाम ही एकमात्र धर्म है जिसे अल्लाह तआला ने सर्व मानवजाति के लिए चयन किया है, जिसके अतिरिक्त कोई अन्य धर्म अल्लाह के निकट मान्य नहीं है। तथा इस्लाम ही एकमात्र धर्म है जो हमारी आज की दुनिया की समस्त समस्याओं का समाधान पेश करता है और उसके निर्देशों का पालन करके और उन्हें व्यवहार में लाकर मानवता समस्यारहित जीवन का अनुभव कर सकती है। इस पुस्तक में इस्लाम के अनन्त संदेश, उसकी विशेषताओं और गुणों, तथा जीवन के सभी छेत्रों में उसकी शिक्षाओं, मार्गदर्शनों और निर्देशों का उल्लेख किया गया है।
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नव मुस्लिम मार्गदर्शिका
नवमुस्लिम मार्गदर्शिका : यह हिंदी में अनूदित एक बहुमूल्य पुस्तक है, जिसमें इसलाम धर्म ग्रहण करने वाले नवमुस्लिमों को चित्रों एवं आकृतियों के माध्यम से ऐसे निर्देश दिए गए हैं, जिनके ज़रिए वे इसलाम को आसानी से समझ सकें। दरअसल, यह उन सीमित कार्यों में से एक है, जो विशेष रूप से नवमुस्लिमों को सामने रखकर किए गए हैं, जिन्हें इसलाम की मूल शिक्षाओं के बारे में सही जानकारी की अधिक आवश्यकता होती है। इस पुस्तिका में बहुत ही आसान एवं सरल अंदाज़ में फ़िक़्ह के सभी मसायल, अक़ीदा संबंधी संदेहों और शरई पारिभाषिक शब्दों को ध्यान में रखते हुए सप्रमाण शिक्षा प्रदान करने की पद्धति अपनाई गई है।
Fahd Salem Bahammam
इस्लाम धर्म के मूल सिद्धांत
इस्लाम एक परिपूर्ण व्यापक धर्म है जो जीवन के सभी छेत्रों को सम्मिलित है। इस्लाम के अनुयायी का अपने उत्पत्तिकर्ता के साथ किस तरह का संबंध होना चाहिए तथा जिस समाज में वह जीवन यापन कर रहा है उसके विभिन्न सदस्यों के साथ उसका संबंध कैसा होना चाहिए, दोनों पक्षों को इस्लाम ने स्पष्ट किया है। इस पुस्तिका में यह उल्लेख किया गया है कि सर्व जगत के पालनहार के प्रति निष्ट होने के छेत्र क्या हैं, उसकी आराधना और उपासना किस प्रकार तथा उसके नियम क्या हैं। जिन्हें ईमान और इस्लाम के अर्कान यानी मूल आधार और सिद्धांत के नाम से जाना जाता है।
Ata’a Alrahman Deya’a Allah
ख़ालिस इन्सानी अधिकार
इस्लाम इन्सान की हैसियत से इन्सान के कुछ हक़ और अधिकार मुक़र्रर करता है। दूसरे शब्दों में इसका मतलब यह है कि हर इन्सान चाहे, वह हमारे अपने देश और वतन का हो या किसी दूसरे देश और वतन का, हमारी क़ौम का हो या किसी दूसरी क़ौम का, मुसलमान हो या ग़ैर-मुस्लिम, किसी जंगल का रहने वाला हो या किसी रेगिस्तान में पाया जाता हो, बहरहाल सिर्फ़ इन्सान होने की हैसियत से उसके कुछ हक़ और अधिकार हैं जिनको एक मुसलमान लाज़िमी तौर पर अदा करेगा और उसका फ़र्ज़ है कि वह उन्हें अदा करे।
Ata’a Alrahman Deya’a Allah
इस्लाम धर्म की विशिष्टतायें
इस्लाम ही वह एकमात्र सच्चा धर्म है, जिसे अल्लाह तआला ने सर्व मानव जाति के लिए पसंद कर लिया है। अतः वह किसी भी व्यक्ति से इस्लाम के सिवा कोई दूसरा धर्म कदापि स्वीकार नहीं करेगा। इस्लाम मानव के सौभाग्य और सफलता का धर्म है, तथा वही वह धर्म है जिसने मनुष्य के व्यक्तिगत, या पारिवारिक, या सामुदायिक या सर्व मानव जाति से संबंधित मामलों में ऐसे सूक्ष्म आचार और उचित ढंग, तौर-तरीक़े सिखाये हैं जिन से उसका जीवन सुलभ हो सकता है, उसकी खुशी संपन्न हो सकती है और उसको सच्चा सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। इस पुस्तक में इस्लाम के उन्हीं कुछ गुणों और विशेषताओं का उल्लेख किया गया है।
Ata’a Alrahman Deya’a Allah